Follow by Email

Monday, August 12, 2013

नेशनल दुनिया के संपादकीय पेज पर मेरी कवितायेँ ..

आज के नेशनल दुनिया के संपादकीय पेज पर मेरी कवितायेँ .. लेख लिखने और छपने से कई गुना ज्यादा ख़ुशी होती है कवितायेँ लिखते और छपते समय .कवितायेँ मेरे दिल के बहुत ज्यादा करीब है ..आज काफी ख़ुशी हो रही है ..

poem link
http://www.nationalduniya.com/Admin/data/2013/08/10/Delhi/Delhi/images/page10_07.gif

No comments:

Post a Comment